Jisne Marne Se Inkar Kardiya W Meshel in Hindi
डब्लयू मिशेल, जिसने मरने से इंकार करदिया !
Hat Pair Marte Rahen Har Na Mane आपको यह article ज़रूर पढ़ना चाहिए-----
डब्लू मिशेल ऐसे इंसान है, जो जीवन की बाधाओ पर विजय पाने के लिए प्रतियक्ष उदाहरण हैं। उन्हें सम्मान से "मरने से इंकार करने वाला इंसान" कहा जाता है। कियोँ की वह कभी हर नहीं मानते। बिस साल पहले मिशेल विधियार्थी थे और सैन फ्रांसिस्को में केबल ऑपरेटर के पद पर पार्ट टाईम काम करतें थे। स्कूल और नौकरी के बिच आनंद के लिए वे अपनी नई हर्ले-डेविडसन मोटर सईकल चालाने का समय निकल लेते थे। वे ऐसे समय के लिए जीते थे, जब वे अपनी बाईक पर बाहर निकल सके और अपने चेहरे पर लगी स्फूर्तिदायक हवा को महसूस कर सकें। एक दिन मोटर सईकिल चालाते समय वे एक चौराहा पार कर रहे थे। तभी अचानक उन्होंने देखा की लाल बत्ती के बावजूद एक ट्रक चला आरहा है। ट्रक आकर मिशेल से टकरा गया। वे ज़मीन पर गिरगए और वहां पर कराहते हुए उन्हें पैट्रॉल की बदबू आई। उन्हें यह अहसास हुवा की वे पेट्रोल में नाहा चुके थे। तभी अचानक एक विस्फोट हुवा और मोटर साईकिल में आग लग गई। फिर आग फैली और उसने मिशेल को भी अपनी चपेट में लेलिया। वे एक मानव- मशाल बन गये और सर से पाव तक पूरी तरह से जल गये। उनके हाथ पैर की उँगलियाँ काट देनी पड़ी और उनका हुलया अब पूरी तरह बदल चूका था। महीनो तक पीडादासी सर्जरी चलती रही , इलाज चलता रहा पर उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और एक बिज़निस शुरू किया, जो जल्दी ही बहोत सफल हुवा। दरअसल ,वे एक निजी हवाई जहाज़ खरीदने में कामयाब हुए , जिसे वे खुद चालाते थे। हवाई जहाज़ उड़ाना उनका प्रमुख शौक बन गया और वे खाली समय में उसे उड़ाने लगे। एक रत हवा में उड़ते समय हवाई जहाज़ के इंजन में गड़बड़ होगई। उन्होंने हवाई जहाज़ ज़मीन पर उतार ने की कोशिश की, परंतु वे नियंत्रण नहीं रख पाये और हवाई जहाज़ गिर गया। जब महीनो तक कोमा में रहने के बाद उन्हें होश आया, तो उन्होंने पाया की उन्हें कमर के नीचे लखवा मरगया था! उन्होंने बैठ कर जब खुदको देखा तो उन्हें एक जला हुवा आदमी दिखा, जिसे अब लखवा मरचुका था जिसे अब बची होई ज़िन्दगी व्हीलचेयर पर गुज़ारने के लिए विवश होना पड़े गा। लोग सोच रहे थे की वो हार मानलेंगा, परंतु मिशेल ने हार मानने से इंकार करदिया। उन्होंने कहा, "पहले ऐसे दस हज़ार काम थे, जिन्हें मैं कर सकता था; अब ऐसे नौ हज़ार काम हैं। '' बाद में उन्होंने अपनी कहानी बाकि लोगो को सुनाई और वे दुन्या के शीर्षस्थ प्रेणादायक वक्ताओं में से एक बन गए। उनके कोलोरेडो , कैलिफोर्निया और हवाई में घर हैं। वे सचमुच जीवन को पूरी तरह से जीतें हैं। वे जीवन को उसी तरीके से जीते हैं, जिस तरह वे इसके बारे में बोलते हैं। आपके साथ किया होता है, यह महत्वपूर्ण नहीं हैं; महत्वपूर्ण तो वह है , जो आप उसके बारे में करते हैं।
जब चीज़े गड़बड़ हो, जैसी वे कई बार होंगी ,
जब आप जिस सड़क पर चलरहे हों, उसमे चढाई ही चढाई दिखे,
जब पैसे काम हो और क़र्ज़ बहोत ज़ियादा,
जब आप मुस्कुराना चाहते हो, परंतु आपके पास सिर्फ दर्द भरी आहें हो,
जब चिंता आपको दबाये दे रही हो,
तो अगर आराम करना पड़े तो सुस्ता लें, परंतु मैदान न छोड़ें।
ज़िन्दगी अजीब है, इसमें घुमाउदार रास्ते और मोड़ हैं ,
जैसा हम सभी कई बार सीखते हैं,
और बहोत सी असफलतायें सफलताओं में बदल सकती थीं,
और आप जीत सकतें थे, बशर्ते आप थोड़ी देर और जुटे रहते।
हालाँकि गति धीमी दिख सकती है, परंतु कभी हार न मानें,
आप एक और प्रहार से सफल हो सकतें हैं।
मित्रो, चाहे जो हो जाये, मैदान न छोड़ें।
अपना मन बनालें की आप कभी हार नहीं मानेंगें।
यह article ''विली जोली'' की Book आपकी ज़िन्दगी एक मिनट में बदल सकती से लिया गया है हमारे "Blog" का मकसद आपके लिए अच्छे article search करके लिखना और लोगो को Motivate करना हैं।
कभी हार न माने !
बहोत से लोगो ने मुझ से पूछा है की जब जीवन आपकी तरफ एक मुश्किल गेंद उछालदे, जब मर्फी का नियम लागु होजाये, तो किया किया जाये।मर्फी का नियम किया है?
मर्फी का नियम है , "जो भी चीज़ गड़बड़ होसकती है, सबसे बुरे समय में गड़गबड़ होंगी।" मैंने एक बार किसी को यह कहते सुना था की जीवन में या तो आपके पास कोई समस्या है या आप अभी किसी समस्या से निकल कर आरहे हैं। या फिर आप किसि समस्या की तरफ जारहे हैं। परंतु मर्फी के नियम के बाद भी आपकी सफलता की कुंजी हार न मन्ना है : कभी हार न मानें। यह एक बहुत लोकप्रिय कविता '' कभी मैदान न छोड़ें " का हिस्सा है। लेखक अज्ञात है, परंतु इसका अर्थ बहोत स्पष्ट है:जब चीज़े गड़बड़ हो, जैसी वे कई बार होंगी ,
जब आप जिस सड़क पर चलरहे हों, उसमे चढाई ही चढाई दिखे,
जब पैसे काम हो और क़र्ज़ बहोत ज़ियादा,
जब आप मुस्कुराना चाहते हो, परंतु आपके पास सिर्फ दर्द भरी आहें हो,
जब चिंता आपको दबाये दे रही हो,
तो अगर आराम करना पड़े तो सुस्ता लें, परंतु मैदान न छोड़ें।
ज़िन्दगी अजीब है, इसमें घुमाउदार रास्ते और मोड़ हैं ,
जैसा हम सभी कई बार सीखते हैं,
और बहोत सी असफलतायें सफलताओं में बदल सकती थीं,
और आप जीत सकतें थे, बशर्ते आप थोड़ी देर और जुटे रहते।
हालाँकि गति धीमी दिख सकती है, परंतु कभी हार न मानें,
आप एक और प्रहार से सफल हो सकतें हैं।
मित्रो, चाहे जो हो जाये, मैदान न छोड़ें।
अपना मन बनालें की आप कभी हार नहीं मानेंगें।
यह article ''विली जोली'' की Book आपकी ज़िन्दगी एक मिनट में बदल सकती से लिया गया है हमारे "Blog" का मकसद आपके लिए अच्छे article search करके लिखना और लोगो को Motivate करना हैं।
अगर आप को हमारी पोस्ट अच्छी लगती है तोह कमेंट करके
ज़रूर बताएं और अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें।
Thank You
Danish Adeel
अगर आपके पास हिंदी मैं कोई article , Inspirational Story या जानकारी है जो आप हमारे साथ
share करना चाहते हैं तो कुर्पया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करे हमारी Id है danishkhan339@gmail.com पसंद आने पर हम आपके नाम के साथ यहाँ Publish करेंगे
Thanks
Salim khan
ReplyDeleteNice post sir ji
Salim khan
ReplyDeleteNice post sir ji